Tuesday, February 14, 2012

सोचा तो बहुत था...


सोचा तो बहुत था...
मगर जैसा सोचा था वैसा हो ना सका.....

सपनो को संजोया तो बहुत देर तक था ...
मगर हकीक़त में बदलना हो ना सका....

गम को बहुत समझाया की पास ना आ
मगर वैसा हरगिज हो ना सका
बहुत सोचा की ना सोंचू
परन्तु ऐसा भी हो ना सका ....

चला था अकेले ...
रह गया अकेले ....
साथ किसी का हो ना सका.....

दुनिया से छिपाया ...
दिल को लाख समझाया.....
पर जुबान पर ले आऊ ऐसा हो ना सका !!!!!



सोचा तो बहुत था...
मगर जैसा सोचा था वैसा हो ना सका.....

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dil toh chahta hai ki hamesha muskuraate rahe

Dil to chahta hai ki hamesha muskuraate rahe.... par Zindagi mauka kam deti hai kya karey.... man to karta hai thaam le sunhare palo ko....